Transcript
0:01 हेलो, मेरा नाम डिंपल जोशी है। मैं उदयपुर राजस्थान से हूँ, मैं ई पी एच फैमिली में नवंबर में मैंने गोल लिया था। तब मैं बहुत फ्रस्टेटेड थी अपने बच्चों से, परेशान दोनों छोटे थे मेरी बेटिया और घर के माहौल से। मुझे यूं लगता था कोई मेरा अपना नहीं है, कोई मेरे बारे में सोचना नहीं है। तो मैं बहुत डाउन हो गई थी अपने आप को। लेकिन जब से मैंने गोल लिया था मैं का वीडियो देखा, फेसबुक
0:30 पे और फिर मैंने गोल लिया, गोल्ड तो लाइक पूरा चेंज था मैंने। लेकिन जब मुझे प्लैटिनम के बारे में पता पड़ा कि उसमें इतनी सारी चीजें हैं जो 1 मदर को जरूर लेनी चाहिए क्योंकि 1 मदर सिर्फ देने में ही रहती है अपने बच्चों, अपनी फैमिली सबको देने में। लेकिन उसको कुछ नहीं मिलता है। लेकिन प्लेटेनियम में 1 मदर को जो चाहिए वो हर चीज आपको प्लेटेनियम में मिलेगी। तो फिर जनवरी में मैंने प्लेटेनियम में स्विच
0:59 कर लिया था। उसके बाद मेरा वे आफ थिंकिंग बच्चों से रिलेशनशिप, मेरे हसबैंड के साथ रिलेशनशिप। हर चीज में इतना इम्प्रूवमेंट है कि मैं क्या बताऊं आपको।
Summary
- डिंपल ने नवंबर में गोल्ड प्रोग्राम में शामिल होने का निर्णय लिया।
- वह अपने बच्चों और घर के माहौल से बहुत परेशान थीं।
- प्लेटिनम प्रोग्राम में शामिल होने के बाद, उन्हें एक मां के रूप में आवश्यक चीजें मिलीं।
- उन्होंने महसूस किया कि मां अक्सर सिर्फ देने में रहती हैं, लेकिन प्लेटिनम ने उन्हें भी कुछ देने का अवसर दिया।
- उनके रिश्ते में सुधार हुआ, खासकर बच्चों और पति के साथ।
- उनका मानसिकता में बदलाव आया, जिससे जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हुई।