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0:00 नमस्ते पैरेंट्स। ग्रैन पैरेंट्स में अंकिता पेरेंटिंग कोच मोटसौरीन्यूरोसाइंस, म्यूजिक और पॉजिटिव पेरेंटिंग को ब्लेंड करती हूं ताकि आप अपने अमेजिंग बच्चे या ग्रांड चायल को फॉलो कर सके। फ्रॉम डे वन टू फोरेवर। आज हम बात करेंगे कुछ ऐसे मिथ्स के बारे में जो हमारे कल्चर में बेबी स्के केयर से रिलेटेड है। सबसे पहले मैं ये कहना चाहूंगी कि हमारा ट्रेडिशनस अपनी जगह है। हमारी कल्चरल प्रैक्टिसेज में बहुत विजडम है।
0:30 लेकिन साइंस ने हमें कुछ नए जानकारी दी है जो हम अपने बच्चों के बेनिफिट के लिए यूज कर सकते हैं। सो आज का वीडियो है। परंपरा और साइंस को कैसे बैलेंस करना है। जहां हम देखेंगे कि कौन से प्रैक्टिसेज हमारे बेबी के लिए बेनिफिशल है और कौन सा थोड़ा मोडिफाई कर सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं। आज सबसे पहले हम बात करेंगे हनी या घुंटी के बारे में। ट्रेडिशनली ऐसा माना जाता है कि न्यू बॉन्ड बेबीज
0:58 को हनी या घुंटी देने से उन्हें इम्यूनिटी मिलती है और कॉन्स्टिपेशन भी नहीं होती। लेकिन यह बहुत इम्पोर्टेंट है। 1 साल से छोटे बेबीज को कभी भी हानि नहीं देना चाहिए। हनी में स्ट्रेडियम बाटुलिनम नाम के बैक्टीरिया स्पोर्स हो सकते हैं जो इंफेनवॉचयुलिज्म कॉस कर सकते हैं। 1 सीरियस कंडीशन जिसमें बेबी की ब्रीडिंग और मूवमेंट इम्पैक्ट हो सकती है। ट्रेडिशनल घुंटी में हनी अगर हो तो वो डेफिनिटली
1:28 अनसेफ है तो बैलेंस क्या है। 1 साल के बाद हनी दे सकते हैं। तब तक इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए एक्सक्लूसिवली ब्रेस्ट फीडिंग बेस्ट ऑप्शन है। कांस्टीपेशन के लिए डॉक्टर से कंसल्ट करें। न्यूबॉन और सिक्स मन से छोटे बेबीज को कभी भी 1 ड्रॉप ऑफ वाटर भी नहीं देना चाहिए। कांस्टीपेशन के लिए ब्रेस फीडिंग पैटन, एडजस्ट करना या पीडा टेशंस के साथ कंसल्ट करना ही बेटर चॉइस है। अगर घुंटी देना है तो डॉक्टर से 1 बार
1:56 रिस्क के बारे में जान लें। बिकजसप्रिटीयनसेफ, अब बात करते हैं काजल की। ट्रेडिशनली। माना जाता है कि बच्चों की आंखों में काजल लगाने से नजर नहीं लगती और आंखें भी सुंदर बनती है। पेरेंट्स ग्रैन पेरेंट्स काजल लगाना 1 पुरानी परंपरा है। बहुत सारे फैमिलीज में ये जेनरेशन से चला आ रहा है। लेकिन मॉडन काजल में कभी कभी लेड जैसे हामफुलकेमिकल्स हो सकते हैं जो बेबी की आंखों में इंफेक्शन
2:27 या ईवन लेट पॉयजनिंग का कॉज बन सकता है। बैलेंस यह है कि आप नजर उतारना चाहते हैं तो बेबी के कपड़ों पर छोटी सी ब्लैक डॉट लगा सकते हैं। या फिर बेबी के रूम में काला धागा आप रख सकते हैं। अगर आप काजल यूज करना ही चाहते हैं तो स्पेशली बेबीज के लिए बने हुए एफडीए अप्रूव प्रोडक्ट्स को ढूंढे जो लेड फ्र हो और उन्हें यूज करें। बहुत फैमिली। इस बादाम को भी बंद करके घर पर
2:52 काजुल बनाते हैं। वो कितना सेफ है आप 1 बार चेक कर लें ट्रेडिशनली। माना जाता है कि बच्चे के बाल मुनवाने से घने और मजबूत बाल आते हैं। ये रिचुअल्स बहुत कल्चर में होता है और इसके स्परिचुअल सिग्निफिकेंस भी है। लेकिन साइंटिफिकली बाल का फिटनिस जेनेटिक फैक्टर से डेटा माइन होता है। बाल मुनवाने से बाल का टेक्स्ट या ग्रोथ पैटन इम्पैक्ट नहीं होता। बैलेंस यह है कि मुंडन सेरेमनी को आप 1 कल्चरल रिच के तौर पर
3:21 कंटिन्यू कर सकते हैं। इसमें कोई हम नहीं है, बस यह एक्सपेक्टेशन ना रखे कि इससे बाल घने होंगे। हेल्दी बाल के लिए बेबी को बैलेंस डायट चाहिए और जेंटल हेयर केयर फॉलो करना चाहिए। कुछ पेरेंट्स और ग्रैंड पेरेंट्स अच्छे बाल के लिए बच्चों के बाल बार बार मुंडवाते रहते हैं। लेकिन इसस बच्चे के स्कैल पर इरिटेशन हो सकती है। उनके नेचुरल है ग्रोथ साइकिल को भी डिस्टर्ब हो सकता है। इससे और बच्चा इमोशनली भी अनकंफरटेबल फील
3:51 कर सकता है। स्पेशली जब वो बड़ा हो जाए तो अब बात करेंगे मसाज की। ट्रेडिशनल तौर पर माना जाता है कि बेबी को रोज तेल मनिश करनी चाहिए और जोंस को प्रेस करके एक्सरसाइज करवाना चाहिए। बेबी मसाज डेफिनिटली बेनेफिशल है। ये सर्कुलेशन इम्प्रूव करता है और बॉन्डिंग भी भरता है। लेकिन पॉइंट्स को ज्यादा प्रेस करना या लिम्स को बहुत ज्यादा स्ट्रेच करना हम फुल हो सकता है। स्पेशली न्यू बोन्स के लिए
4:22 बैलेंस यह है कि रोज जेंटल मसाज कंटिन्यू करें। ये हमारे कल्चर का 1 बहुत ब्यूटिफुल प्रैक्टिस है। बस मूवमेंट को जेंटल रखें बेबी के कंफर्ट लेवल के हिसाब से आप प्रेशर डालें ज्वाइंट्स पर न ऑफ द माइल्ड, ऑयल कोकोनट ऑयल, अ लॉट ऑफ पीपल इन इंडिया, यूज कोकोनेट ऑयल एंड। ये सबसे माइल्ड होता है तो यह बेबी की स्किन को बहुत ईजीली शूट करता है। अगर आप कुछ नया या कोकोनट ऑयल भी ट्राय करने वाले हैं
4:47 तो 1 पैच टेस्ट कर लें। एलबो पर लगाकर कुछ बेबीज को एक्जिमा होता है और उनको कोई भी ऑयल शूट नहीं करता। मैंने अपनी बच्ची का 2 साल मालिश लोशन से किया है, बिकज उसको हर ऑयल से एलर्जी थी। सो प्लीज फॉलो द लीडर ऑफ योर चाइल्ड एंड प्लीज इनवॉल यू र डॉक्टर इन दिस डिसिजंस अगर आपको 1 भी राज दिखे ट्रेडिशनल बिलीफ यह है कि बच्चे के नोज या यर्स में घी डालने से पैसेज क्लीन
5:12 रहता है और इन्फेक्शन नहीं होता। वह साइंस कहती है कि नोज और यर्स तो सेल्फ क्लीनिंग होते हैं। कुछ भी अंदर डालना रिस्क क्रिएट कर सकता है। इंफेक्शन इरिटेशन स्ट्रक्शन स्पेशल्ली नेजल पैसेंजर्स बहुत सेंसेटिव होते हैं। तो इसका बैलेंस अप्रोच यह है कि यर्स और नोज को नेचुरल तरीके से क्लीन रहने दें। इफ डॉक्टर ने स्पेसिफिकली कोई एयर ड्रॉप प्रेस्क्राइब किया है तो वहीं यूज करें। ड्राई स्किन के लिए बेबी के आउटर यर या नोट्स के
5:41 आउटर पाट्स पर जेंटली मॉश्चराइजर आप लगा सकते हैं, लेकिन अंदर बिल्कुल नहीं लगा सकते। अब हम बात करेंगे मिरर्स की। कुछ फैमिलीज में माना जाता है कि बच्चों को शीशे में नहीं दिखाना चाहिए। वरना वो डर जाएंगे, उसका पर्सनैलिटी डेवलपमेंट एफेक्ट हो जाएगा। साइंटिफिकली मिरर्स ऐक्चवली बेबीज के लिए फैसिनेटिंग और एडुकेशनल होते हैं। सिक्स मन्थस के अराउंड बेबीज मिरर्स में सेल्फ रिकगनेशन डेवेलप करना सीख
6:11 जाते हैं, जो उनके कोमेटिव डेवेलपमेंट का बहुत इम्पोटंट पार्ट है। मिरर इन फैक्ट मोंटिसौरीमेथड का 1 इम्पॉर्टंट मटीरियल है, जो हम न्यू बॉन स्टेट से यूज करते हैं। ये बेबी को सेल्फ अवेयरनेस डेवेलप करने में हेल्प करता है और उनके विजुअल डेवेलपमेंट को भी सपोर्ट करता है। और 1 मिथ यह है कि मेर से बच्चों के दांत आने में काफी तकलीफ होगी। इसमें कोई साइंटिफिक बेसिस नहीं है। मैंने पर्सनली अपने बच्ची को 7 दिन के 1
6:39 से मिरर दिखाया। ना ही मेरे बच्चे को कोई दांत में दर्द हुआ, न ही कोई तकलीफ हुई, न ही कोई टीदिंग पेंस हुए। बेबी उसको खुद ही एक्सप्लोर करने दे। मिरर ये उनके ब्रेन डेवलपमेंट में बहुत हेल्प करता है। बस ध्यान रखें कि मिरर सेफ हो और शार्ट प्रूफ। अब बात करेंगे बेबी के रोने पर क्या करना चाहिए। ट्रेडिशनल बिलीफ यह है कि जब भी बेबी रोए उसको गोदी में लेने से वो बिगड़ जाएगा और डिमांडिंग
7:05 बन जाएगा। वेल रिसर्च क्लियर है। बेबीज को रिस्पॉन्ड करने से उनमें सिक्योरिटी और ट्रस डिवेलप होता है। न्यू बॉन्स कम्यूनिकेट सिर्फ क्राइंग के थ्रू ही कर सकते हैं। उन्हें इग्नोर करने से स्ट्रेस हार्मोंस इनक्रीज हो सकते हैं जो ब्रेन डेवलपमेंट को बहुत बैडली इम्पैक्ट कर सकता है। बैलेंस अप्रोच यह है कि बेबी के क्राइंग को रिस्पोंड करें। पहले सिक्स मंत्स में वतन फ्यू सेकेंड्स। लेकिन हर रेस्पोंस में पिक अप करना जरूरी
7:36 नहीं है। कभी जेंटल चार्ज, शूटिंग, वॉल्स या प्रेजेंस भी काफी होता है। अब हम बात करेंगे को स्लीपिंग की। ट्रेडिशनल बिलीफ यह है कि बेबी के साथ सोना उसको डिपेंडेंट बना देगा और वो कभी अपने बेड पर अकेले नहीं सो पाएगा। दूसरी तरफ कुछ फैमिलीज 10 12 साल तक बच्चों के साथ कोरस स्लीपिंग कंटिन्यू करते हैं जो काफी एक्स्ट्रीम है और बच्चों के इंडिपेंडेंस को काफी इम्पैक्ट कर सकता है। सो वाट इज, द राइट वे। अबाउट
8:04 इट कोर्स स्लीपिंग। हमारे कल्चर में बहुत कॉमन है और रिसर्च शोज की सेफ को स्लीपिंग से ऐक्चवली बेबीज मोर सिक्योर फील करते हैं। इंडिपेंडेंस टाइम के साथ नैचुरली डेवेलप होती है और न कि स्लीपिंग अरेंजमेंट से। बैलेंस अप्रोच यह है कि सेफ को स्लीपिंग प्रैक्टिसेज, फॉलो करें, फॉर्म मैट्रेस नो लूज, बेडिंग नो पिलोजनियांबेबी। जब फैमिली रेडी हो। आप जेंटली बच्चे को ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। सेप्रेट स्लीपिंग के लिए इंडिपेंडेंस
8:34 स्लीपिंग अरेंजमेंट से नहीं बल्कि सपोर्टिव पेरेंटिंग से आती है। अब 1 बहुत क्रिटिकल मित्र के बारे में बात करेंगे। कुछ ट्रेडिशनल बिलीफ्स में माना जाता है कि न्यू बॉन्ड बेबी के निपल से मिल्क निकालना चाहिए। उनको स्क्वीज करके साइंस कहती है कि ये प्रैक्टिस एक्सट्रीमली हम फुल है। न्यू बॉन्ड बेबी के ब्रेस्ट इशु में हार्मोनल चेंजेस की वजह से टेम्परेरी स्वेलिंग हो सकती है और कभी कभी मिल्क जैसे लिक्विड भी निकलता है। लेकिन इससे स्क क्वीज
9:04 करना बहुत डेंजरस है। इससे इंफेक्शन ऐप्सेस सीरियस टिशु डैमेज हो सकता है। बेरीज के ब्रेस्ट टिशु नॉर्मल हार्मोनल चेंजेस की वजह से स्वों हो सकते हैं। लेकिन यह कंप्लीटली नॉर्मल है और अपने आप ही ठीक हो जाएगा। किसी भी तरह का स्क्विजिंग या दबाव बिल्कुल भी ना करें और प्लीज अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें। अगर ये आपने किया है या देखा है। बिकज ऐप्सेस हो सक। अब 1 सेंसिटिव टॉपिक पर बात करेंगे। ट्रेडिशनल बिलीफ यह है
9:34 कि बीवी के प्राइवेट पार्ट्स में ऑयल लगाना उन्हें इन्फेक्शन से बचाता है और स्किन को हेल्दी रखता है। साइंटिफिक पर्स्पेक्टिव यह है कि जेनिटल एरिया बहुत सेंसेटिव होती है और खुद को क्लीन रखने के लिए डिजाइन है। ऑयल या पाउडर्स बिल्कुल यूज ना करें, बिकज उससे इरिटेशन हो सकता है। रिस्क इंफेक्शन की बहुत ज्यादा है। स्पेशली गर्ल्स में बैलेंस अप्रोच यह है कि डायपर चेंज के टाइम पर लूकवॉर्मवाटर से जेंटली क्लीनिंग करें। दैट। इज सफिशेंट और
10:02 कोई रेडनेस या इरिटेशन हो तो डॉक्टर रेकमेंडेड क्रीम्स ही यूज करें। ऑयल यूज करना जरूरी नहीं है। इस एरिया में। अब बात करेंगे स्वाडलिंग के बारे में। ट्रेडिशनल बिलीफ यह है कि बेबी को लाइक्स वॉटल करना चाहिए ताकि उनका बॉडी शेप अच्छा बने और वो ज्यादा देर। तक साइंटिफिक पर्स्पेक्टिव यह है कि लाइट स्वाडलिंग से बेबी को सिक्योरिटी मिलती है और बेटर स्लीप भी मिलती है। लेकिन टाइट स्वाडलिंग से हिप डिसप्लेसिया का रिस्क इनक्रीज हो सकता
10:31 है और सर्क्युलेशन भी एफेक्ट हो सकती है। बैलेंस अप्रोच यह है कि आप डिसिशन ले अगर आपको स्वाडलिंग करनी है और अगर करनी है। दन ओनली थ्री मंच तक करनी है। बिफोर बेबीज कैन स्टार्ट टर्निंग बर। ध्यान रखे कि बेबी के लेग्स मूव कर सकते हैं और हिप्स भी। फ्लेक्स करने का स्पेस उन्हें चाहिए। चेस्ट एरिया से ब्लैंकेट लूज रहना चाहिए और ब्रीडिंग रिस्ट्रिक्शन न हो। जैसे ही बेबी रोल स्टार्ट करे, अराउंड थ्री टू फोर मंच,
11:00 आपको स्वॉर्डिंग बिल्कुल बंद कर देना है। उस वक्त अब बात करेंगे वाटर देने की। ट्रेडिशनल बिलीफ यह है कि गर्मी में या हिकप्स के लिए ब्रेस फेड बेबीज को पानी देना चाहिए। वह साइंटिफिक पर्स्पेक्टिव यह है कि सिक्स मंच तक बेबीज को एक्सक्लूसिवली ब्रेस फीड या फॉर्मूला ही जरूरी है। उनको कोई पानी नहीं चाहिए। बिकज ब्रेस मेल हैस। एटी 8 परसेंट वाटर जो हाइड्रेशन के लिए काफी है। एक्स्ट्रा वाटर देने से बेबीज के स्मॉल टमिस फेल
11:27 हो जाते हैं, जिससे वो लेस मिल्क लेते हैं। विच आलसो एफेक् न्यूट्रेशन एंड वेट गेन। बैलेंस अप्रोच यह है कि सिक्स मंच तक एक्सक्लूसिवली ब्रेस फीड या फॉर्मूला दे। ईवन गर्मी के टाइम पर हिकप नॉर्मल है और अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। सिक्स मंच के बाद डॉक्टर की एडवाइस पर आप वॉटर इंटरड्यूस करें। अब बात करेंगे मसाज ऑयल्स के बारे में। ट्रेडिशनली बिलीफ यह है कि सरसो तेल बेबीज के लिए बेस्ट होता है। बट
11:55 सरसो तेल में हाई लेवल ऑफ 1 पर्टिकुलर टेप का एसिड हो सकता है, जो स्किन बारिया को डैमेज करता है। बट इस लॉन्ग टाइम ट्रेडिशन इन मेनी फैमिलीज तो बैलेंस परोश यह है कि रिफाइन मस्टर्ड जिसमें वो आसिस कम होते हैं या फिर कोकोनट ऑयल ऑलिवऑयल और सनफ्लार ऑयल काफी सेफर ओल्टिनेटिव्स है। अगर फैमिली ट्रेडिशन इम्पॉर्टेंट है तो कॉम्बिनेशन आप यूज कर सकते हैं। जैसे लेग्जॉडबैकपर, मास्टर और फेस और सेंसिटिव एरिया पर। कोकनट। अब बात करते
12:24 हैं टीवी के रेमेडीज की। ट्रेडिशनल बिलीफ यह है कि बच्चों के दांत आने पर उन्हें दर्द से राहत देने के लिए उनके मशहूरों पर विस्की मलना चाहिए या उन्हें एंबर नेकलेस पहना देना चाहिए। वह साइंटिफिक पर्स्पेक्टिव यह है कि एल्कोहॉल तो मशहूरों पर बिल्कुल नहीं लगा सकते। यह काफी हम फुल है। क काफी टॉक्सिक है और एंबर टीदिंग नेक्सिस भी चोकिंग हजार हो सकते हैं। बच्चों के लिए तो प्लीज रिमेंबर। इन एफेक्टिवनेस का कोई साइंटिफिक प्रूफ
12:54 नहीं है। सो पैर टू बी सेफ न सौरी, बैलेंस अप्रोच यह है कि टीदिंग के दर्द के लिए क्लीन फिंगर से, जेंटली बेबीज के गम्स को मसाज करें। रेफीजरेटेड, टीदिंग, रिंग, डॉक्टर रेकमेंडेड, पेन रिलीवर भी यूज कर सकते हैं। बेबी को एक्स्ट्रा काजल और कंफर्ट देना भी बहुत इम्पोर्टेंट है। इस टाइम पर आखिरी टॉपिक है टीदिंग ऑफ फीवर ट्रेडिशनल। बिलीफ यह है कि दाद आने के टाइम पर बच्चों को फीवर, डायरिया, इलनेसिस काफी कुछ होता है।
13:24 वेल यह काफी नॉर्मल है। साइंटिफिक परस्पेक्टिव यह है कि टीदिंग से माइल्ड, एरिटिबिलिटी, ड्रूलिंग और गम सेंसिविटी हो सकती है। लेकिन हाई फीवर से ज्यादा डायरिया या इलनेस टीदिंग से रिलेटेड नहीं है। ये सिम किसी इन्फेक्शन या इलनेस का साइन हो सकता है, जिनका ट्रीटमेंट बहुत जरूरी है। बैलेंस अप्रोच यह है कि टीरिंग के नॉर्मल सिमटम्स को ऑब्जर्व करें। एरेटिबिलिटी, एक्सेस, ट्रूलिंग, चूइंग, ऑन, थिंग्स, बट, हाई, फीवर डायरिया या सिग्निफिकेंट इलनेस हो तो डॉक्टर
13:54 को दिखाना बहुत जरूरी है। इनको आप जस टीदिंग समझ कर। इग्नोर ना करें तो पेरेंट्स ग्रैंड पेरेंट्स। ये थे कुछ मेट्स फैक्ट्स जो हमारे बच्चों की केयर के बारे में आप याद रख सकते हैं और उन्हें काफी हेल्प होगा। ये बहुत इम्पोर्टेंट है। ट्रेडिशंस की विज्डम को मॉर्डन साइंस के साथ बैलेंस करना हमारे पुराने ट्रेडिशन में बहुत वैल्यु है और न्यू रिसर्च हमें और बेहतर तरीके सिखाती है। मिलकर हम अपने बच्चों को बेस्ट क कर दे
14:21 सकते हैं। अगर आपको ये वीडियो हेल्पफुल लगा तो प्लीज लाइक करें, शेयर करें। अपने फैमिली और फ्रेंड्स के साथ और सब्स्क्राइब करें। मोर वीडियोज के लिए आप कमेंट में भी बता सकते हैं कि आपके घर में कौन सी ट्रेडिशनल प्रैक्टिसेज फॉलो होती है और आपने किस तरह से काफी उन प्रैक्टिसेज को मॉडिफाई किया है। अगर आपने किया है साइंस के हिसाब से। सो थैंक यू सो, मच एंड बाय बाय, दिस इज अंकिता साइनिंग ऑफ रिमेंबर तो
14:47 फॉलो यर चाइल्ड एंड ट्रस्ट द माइंड।
Summary
- Traditional beliefs about honey for immunity and constipation are debunked; honey should not be given to babies under one year due to the risk of botulism.
- Kajal application is cautioned against due to potential harmful chemicals; safer alternatives include using a black dot on clothing.
- Baby hair shaving rituals do not affect hair growth; healthy hair is more influenced by genetics and nutrition.
- Gentle baby massages are beneficial, but excessive pressure can harm newborns; coconut oil is recommended for its mildness.
- Cleaning ears and noses with oil is discouraged; natural self-cleaning is sufficient.
- Mirrors are beneficial for babies' cognitive development, contrary to the belief that they cause fear.
- Responding to a crying baby fosters security; ignoring them can lead to stress and negative developmental impacts.
- Co-sleeping can provide security but should be practiced safely; independence develops over time, not through sleeping arrangements.
- Breastfeeding exclusively for the first six months is essential; additional water is unnecessary and can hinder nutrition.
- Traditional beliefs about teething and fever are clarified; mild symptoms are normal, but high fever requires medical attention.