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0:00 तो आज हम बहुत खुश हैं क्योंकि हमारे साथ है पदम श्री आनंद कुमार जी जो सुपर थर्टी फेम से आप पहचानते होंगे थैंक यू सो मच। आज आप ऐसे ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज के अवार्ड्स रेकगनिशन सेरमनी में है बट भी आप इस वक्त गेट सेट पैरेंट विथ पालेवीहैंडल पे है और हम बहुत सारी पैरेंट से हम बात करते हैं तो आजकल पैरेंट्स का सबसे बड़ा स्ट्रेस होता है अपने बच्चों को मोटिवेट कैसे करें की
0:32 हार्ड वर्क डाले, थोड़ा स्ट्रगल डाले और अच्छे रिजल्ट की तरफ 1 वेल राउंड डेवलपमेंट की तरफ वो एक्स्ट्रा मेहनत डालने के लिए मोटिवेशन और जो हंगर होता है वो कहा से लेके आये इस पेरेंट्स काफी स्ट्रगल करते हैं तो आपका मेसेज
0:49 असल में क्या होता है की पेरेंट्स अपने समय के उदाहरणों को बच्चों को बताते हैं। देखो बेटा जब हमारे पास फैन नहीं था, टूटी साइकिल थी, उससे स्ट्रगल किया आज तुम्हारे पास एशिया है, गाड़ियां हैं, अब तुम भी नहीं पढ़ते हो तो काम है, पेरेंटस चाहिए की समय बदल गया है, परिस्थिति बदल गई बच्चों की ख्वाइशें बदल गई है
1:14 तो
1:14 उनके ख्वाइस को ध्यान में रखते हुए, उनके पैशन को ध्यान में रखते हुए, बच्चों की तरह सोचते हुए अगर उनको गाइड करेंगे तो बच्चे मोटिवेट होंगे जबरदस्ती हम लोग उनको पुराने, गाने, सुनाएंगे, पुरानी, परिस्थितियों के बारे में बताएंगे, अपने संघर्ष जैसा किया, वैसा करने के लिए दबाव डालेंगे तो बच्चे इरिटेट हो गए, इसलिए उनके साथ खेलते कुदते दोस्ती करते हुए अगर हम पढेंगे तो बच्चे आपकी बात जरूर मानें
1:41 थैंक यू सो दिस। इस वाट मे सें चैनल ऑफ कम्यूनिकेशन उनकी भाषा में मेंटेन करें।
Summary
- Parents often use their past struggles as motivation for their children.
- The changing times and children's desires require a shift in parenting strategies.
- Guiding children based on their passions and interests can enhance motivation.
- Traditional methods of pressure and comparison may lead to resistance from children.
- Building a friendly and playful relationship can foster better communication and understanding.
- Effective parenting involves maintaining a dialogue in the child's language and context.